शोरूम स्वामी की गुंडागर्दी, मोबाइल कारोबार को उठाया, व्यापारियों ने किया बहिष्कार

भोंपूराम खबरी। रुद्रपुर के नामी-गिरामी गुरु मां इलेक्ट्रॉनिक्स के मालिक अभिमन्यु ढींगरा के चाचा बलदेव ढींगरा पर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाते हुए आज रुद्रपुर में मोबाइल एसोसिएशन के लोगों ने गुरु मां इलेक्ट्रॉनिक्स से किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद ना खरीदने का निर्णय लेते हुए गुरु मां क्रॉनिक का गुरु नानक ट्रॉनिक बहिष्कार कर दिया है….दरअसल बीते 14 अगस्त को गुरु मां इलेक्ट्रॉनिक्स के मालिक अभिमन्यु ढींगरा के चाचा बलदेव ढींगरा मोबाइल मंत्रा नामक एक मोबाइल की दुकान पर पहुंचे और वहां से मोबाइल मंत्रा दुकान के पार्टनर विभोर छाबड़ा को खींचते हुए बाजार के मुख्य मार्ग पर निकल पड़े….विभोर छाबड़ा का यह भी कहना है कि बीते 14 अगस्त को वो अपनी मोबाइल की दुकान पर बैठे थे और उसी दौरान बलदेव ढींगरा अपने कुछ बाउंसर और कुछ शोरूम कर्मचारियों के साथ वहां पहुंचे और उन्हें पीटते हुए खींच कर मुख्य सड़क पर ले गए और काफी दूर तक उसकी पिटाई करते हुए सड़क पर जबरन खींचते हुए चलते रहे और इस दौरान वह कहते रहे कि विभोर छाबड़ा चोर है पर बाजार पुलिस चौकी पहुंचने से से थोड़े दूर पहले ही बलदेव ढींगरा विभोर को एकाएक सड़क पर छोड़ कर वहां से नौ दो ग्यारह हो गए।

 

विभोर छाबड़ा का यह कहना है कि उन्होंने गुरु मा एंटरप्राइजेज में कार्यरत मिथुल कुमार नामक एक कर्मचारी को बीते कुछ माह पूर्व ₹40000 के दो मोबाइल उधार के तौर पर बेचे थे और कई बार तकादा करने के बाद भी मिथुर कुमार खरीदे गए दोनों मोबाइल के पैसे नहीं दे पा रहा था….उधर कुछ दिनों पूर्व मिथुर कुमार ने विभोर छाबड़ा को खरीदे गए मोबाइल के एवज में कुल 90 हजार मूल्य की 4 अलग-अलग एलईडी बिल के साथ दे दी थी और कहा कि गुरु मां इलेक्ट्रॉनिक्स से वह एलईडी लेकर आया है वो भी बिल के साथ ,क्योंकि उसके पास फिलहाल पैसों की व्यवस्था नहीं हो पा रही है….लिहाजा विभोर छाबड़ा ने मिथुर कुमार से चारों एलईडी बिल के साथ ले ली। उधर गुरु मां इलेक्ट्रॉनिक्स के मालिक अभिमन्यु ढींगरा का यह कहना है कि बीते 6 माह से उनके शोरूम से सामान चोरी हो रहा था और जब उन्होंने इसकी जांच की तब जाकर उन्हें पता चला कि मिथुर कुमार उनके शोरूम से 6 एलईडी,दो एसी और एक म्यूजिक सिस्टम पर हाथ साफ कर चुका है…. अभिमन्यु ढींगरा का यह भी कहना है कि अगर मिथुन शर्मा ने विभोर छाबड़ा को एलईडी बेचने का प्रस्ताव बिल सहित दिया भी था। तो भी विभोर छाबड़ा को एक बार उनसे बात करनी चाहिए थी,क्योंकि विभोर को यह भली-भांति पता था कि मिथुर शर्मा उनके शोरूम का केवल एक छोटा सा कर्मचारी है।

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